उन्मुक्त स्वच्छंद है तू मस्त अलबेली
अपनी कल्पना और सात्विकता से भरी भरी साहसी और नवेली
उन्मुक्त स्वच्छंद है तू मस्त अलबेली
अपनी राह चुनी स्वयंभू बन चली साथ रही स्वयं सहेली उन्मुक्त स्वच्छंद है तू मस्त अलबेली
भारत के सपूत सपूतनियों की कहानी मन में संजोए रहे उन्हीं की यादों में बनाए बुझाया कई पहेली
उन्मुक्त स्वच्छंद है तू मस्त अलबेली
मन में लिए विश्व गुरु भारत के सपने चुपचाप बनी भूत और याद करे वह हमेशा "छबीली"
उन्मुक्त स्वछंद है तू मस्त अलबेली
-उन्मुक्ता
(डॉ. सुजाता पाण्डेय )


