इस अमावस की रात के बाद, फिर सूर्य उदय होगा
रख विश्वास कर कर प्रयास अथक निरंतर बारंबार कर प्रयास कर प्रयास पत्थर तक पावस होगा
फिर सूर्य उदय होगा फिर सूर्य उदय होगा
कल्पना की उड़ान भर, योग ध्यान से जीवन भर
नित्य प्रतिदिन साधक बन,कर जोड़ कर सूर्य नमस्कार
जीवन तेरा सफल होगा तेरा तप गणमान्य होगा
फिर सूर्य उदय होगा फिर सूर्य उदय होगा
स्वच्छता का ध्यान रख सामाजिक दूरी कर नित्य त्रिकटु का काढ़ा पी जीवन निराला जी जोग से होगा योग से होगा
फिर सूर्य उदय होगा फिर सूर्य उदय होगा
-उन्मुक्ता
(डॉ. सुजाता पाण्डेय)


