उन नयनों में नींद आये कैसे
जिसमें सपने हो चमकते
सुनो बाहरी काया! ना थको ऐसे
जब मेरा मन हर पल रहे थिरकते
बड़ा ध्वन्ध ले आया ये
कोविड मुझे पॉजिटिव करके
सारी शारीरिक शक्ति लेके
पर उन्मुक्ता की मनस युक्ति नहीं ऐसे वैसे
व्यस्त रहे वो हर कष्ट पर लगाम कसते
-बेचैन, बीमार पर आशान्वित "उन्मुक्ता"


