नेता की नेता से।


नेता जी मिलते हैं

पक्ष, विपक्ष दोनों

आपस में प्रेम करते हैं

अपना वेतन बढ़ाना है

अपना बत्ता बढ़ाना है

तो एकता एकदम सपाट है


जनता, कर्मचारी की बारी आई है

तो नेताजी के पक्ष में विपक्षी दलों ने उत्पात मचा दिया है

और बिल पास नहीं हो पाया।

समाचार पत्र में ख़बर छपी है

विपक्ष ने सरकार को घेरा है।



सूबे सिंह सुजान