एक चिड़िया तख्त पर बैठी है

इसी आस में बैठी है

कल का सूरज कैसा होगा

कल वर्षा होगी या फिर कल सूखा होगा

एक चिड़िया तख्त पर बैठी है

इसी आस में बैठी है

कल का सूरज कैसा होगा

घूम आई चारो धाम

ढूंढ लिया धरती तमाम

मिला नहीं कोई प्रमाण की

कल का सूरज कैसा होगा

वर्षा होगी या फिर सूखा होगा

एक चिड़िया तख्त पर बैठी है

इसी आस में बैठी है कि कल का सूरज कैसा होगा..