जादूगर को जादू करना नहीं सिखाते
दिल में हो गर बात उसको नहीं छिपाते,
मान लिया हमने कि है तुममें बहुत हुनर
कलाबाज़ को कला करना नहीं सिखाते।
झूठी मुस्कान और ये हँसी कब तक रखोगे
दूसरों को दोगे धोखा खुद को कब तक दोगे,
निकाल दो जो भी बातें हो तुमने मन में रखी
छोटे से दिल में आख़िर कितना बोझ रखोगे।
नहीं मिला तुम्हें साथी मैं साथी बन जाऊँगा
मिलकर संग तुम्हारे अवसाद दूर भगाऊँगा,
ढूँढ निकालूँगा मैं रस्ता इन सारे दूक्खो का
बन काल इनके सामने मैं खड़ा हो जाऊँगा।
तोड़ना है मौन तुम्हें अब इन बातों की
बेचैनी है दूर करनी अब इन रातों की,
कब तक आख़िर घुट-घुट कर जियोगे
है उपचार ज़रूरी अब इन आघातों की।
कौन तुम्हें कोसेगा औ कौन तुम्हें टोकेगा
हताशा की बेड़ी तोड़ो कौन तुम्हें रोकेगा,
उठो लड़ो और जीत कर आओ अब तुम
बलवान हो इरादें तो कौन तुम्हें झोंकेगा।
यहाँ जीत गए तो विश्व तुम्हारा हो जाएगा
आगे पीछे सब कोई तुम्हारा गुण गाएगा,
पटखनी देना इसको कोई बड़ी बात नहीं
जुटा तू हिम्मत इसका सर्वनाश हो जाएगा।


