जूझने दे तू मुझे इस रणभूमि में - by SUDHANSHU SHUKLA's image
707K

जूझने दे तू मुझे इस रणभूमि में - by SUDHANSHU SHUKLA

जूझने दे तू मुझे इस रणभूमि में

जीत के मैं आऊँगा या सीख के,

हार तो मैं सकता नहीं अब यहाँ 

इतिहास रच जाऊँगा या हो के।


बलिदान देना कुछ भी नया नहीं 

ये मेरे मातृभूमि की परंपरा मात्र,

अश्फ़ाक की जन्म भूमि भी यही

लिखा यहीं भगत सिंह का पात्र।


बच्चा-बच्चा बूढ़ा-बूढ़ा हर कोई

देता कण-कण अपने जीवन का,

<

Read More! Earn More! Learn More!