तुम जलो ना हमारी सहारतो से।
यह शोहरते तुम्हारी भी है।
मंजिलें मौत है।
जानते हुए भी।
मेरे शब्दों में साझेदारी तुम्हारी भी है।
मेरी अधूरी इश्क की कहानी में भागीदारी तुम्हारी भी है।
मेरी कम सूझबूझ में हिस्सेदारी तुम्हारी भी है।
आंकड़ों मत हमसे।
तुम्हारे घमंड ओ में भी हिस्सेदारी हमारी भी है।
तुमने हमसे इश्क किया झूठा ही सही।
इसमें तुम्हारी भी साझेदारी है।
यह तुम्हारे रूह की शायद जिम्मेदारी है।
तुम जलो ना हमारी शोहरतो से।
यह शोहरते तुम्हारी भी है।
मंजिलों का तो पता नहीं है।
यहां मौत की हिस्सेदारी नहीं है।
इसकी कोई साझेदारी नहीं है।
मेरे शब्दों को समझो तुम।
मेरे इश्क की आज भी तुमसे साझेदारी है।
यही एक मेरे कांधे की जिम्मेदारी है।
अधूरी ही सही पर मोहब्बत हमारी तुम्हारी है।
तुम जालो ना हमारी शोहरतो से।
यह शोहरते तुम्हारी भी है।
झूठा ही सही।
यह मोहब्बतें आज भी वफ़ा की मारी है।
अधूरी ही सही।
इस कहानी के हकदार हामी हैं।।
वफा तुम मांगना तो हमसे।
आज भी यह जमीन खाली है।
वंजर ही सही।
यह इश्क की दीवानी है।
तुम झूठा ही सही मान लो।।
यह मेरे इश्क की अधूरी कहानी है।
दोहराना मत ईसे यह वफा के मारी है।
इश्क तो सदियों पुरानी है।


