लोकतंत्र की लाज बचाने को,
भय मुक्त प्रदेश बनाने को,
शौर्य और साहस का मैं सम्मान करुंगा,
हां, मैं भी मतदान करूंगा।।
भ्रष्टाचारी तिमिर मिटाने को,
देशद्रोही को सबक सिखाने को,
भारत मां की चरणों में, अपना मष्तक दान करुंगा,
हां, मैं भी मतदान करूंगा।।
जाती धर्म मतभेद मिटाने को,
विकास पुष्प खिलाने को,
देश को नयी राह दिखाने को,
अपने अटल इरादे के रस का रसपान करुंगा,
हां, मैं भी मतदान करूंगा।।
सुदृढ सरकार बनाने को,
प्रदेश को सम्मान दिलाने को,
गंगा मां में दीपक दान करूंगा,
हां, मैं भी मतदान करूंगा।।
सुभाष करे विनती यही, करिएगा मतदान,
सब कामों को छोड़कर, करना है यह काम,
हमको रखना है सदा, अपने प्रदेश का मान,
दुनिया देखे भी जरा, इस लोकतंत्र की शान।।
#matdaan
#poetry
