AMU में जिन्ना की तस्वीर का समर्थन करने वालों से सवाल पूछती और तमाचा मारती मेरी नई कविता - - -
आखिर तुम जिन्ना को ही क्यों महान कहते हो?
देशद्रोह की पराकाष्ठा तुम ही क्यों करते हो?
टू नेशन थ्योरी वाला जिन्ना कैसे महान हो गया?
देश विभाजित करने वाला तुम्हारी शान हो गया!
लोग कहते हैं - हम आज भी तस्वीरों पर लडे जा रहे हैं,
और सब देश आगे बढे जा रहे हैं,
मैं कहता हूँ - तुम सही हो, बात तुम्हारी जायज है!
पर विभाजन करने वाले का सम्मान भी तो नाजायज है।
लेकिन ये भी याद रखो ये शेखर, सुभाष की भूमि हैं,
जिन्ना का सम्मान करने की तुमने जगह गलत ही चुनी है ।
हे भारत के नव-अर्जुन फिर से गांडीव उठाओ तुम,
देश विरोधी बातें करने वालों को समझाओ तुम,
इस मिट्टी से आज तुम्हें उस शेखर की ललकार है,
आरा वाले वीर कुंवर की फडक रही तलवार है ।
हमारी शान मिसाइल मैन हैं, नाम अब्दुल कलाम है
जिसने जग में किया हमेशा भारत का ऊँचा नाम है,
आओ इसमें शामिल होकर उनका मान बढाओ तुम,
अब्दुल हमीद और कलाम की जय-जयकार लगाओ तुम ।।
---SUBHAM KUMAR DUBEY


