जरूरी नहीं की हर बाज़ी जीती जाएकुछ बाज़ी अपनों के लिए भी छोड़ी जाए!जरूरी नहीं हर बात जुबान से ही कही जाएकुछ बातें भींगी आंखों से भी समझी जाए!!
जरूरी नहीं की हर बाज़ी जीती जाएकुछ बाज़ी अपनों के लिए भी छोड़ी जाए!
जरूरी नहीं हर बात जुबान से ही कही जाएकुछ बातें भींगी आंखों से भी समझी जाए!!