बात अकेलेपन की नहीं थी माँ, उम्र साथ की मोहताज थी। बात कोई भी रही हो, आप गलत हो या सही हो, उस उम्र में आप से दूर रहना मेरे लिए बडी बात थी। तभी तो अपनो के प्यार की कमी का मुझ पर ऐसा असर हो गया, कि दिल रिश्तो और जज्बातों से बेपरवाह और बेखबर हो गया..।