बड़ी खामोश है हर शाम आपके शहर में
मुझे मिलता नहीं आराम आपके शहर में
अमीरों का शहर है ये यहाँ हैं सब शहंशाह
अजी है ख़ास सारे आम आपके शहर में
चले आये सनम बाज़ार में जो आप सज के
रुके हैं आज सारे काम आपके शहर में
तिजारत हो रही है याँ खुदा के नाम पर भी
खुदा भी हो रहा नीलाम आपके शहर में
इबादत होती ग़र मकसद, लड़ाइ बेवजह थी
सियासत लायी अल्लाह राम आपके शहर में
न चाहा था बिकें"पागल" मगर बिके यहाँ पर
लगे महंगे हमारे दाम आपके शहर में