Poetry 1 min read 781.8K reads

फिर से....


ख्वाब देखे जो हमने टूटे चन्द घड़ियों मेंफिर बारिश न हुई कई सदियों में

अचानक फिर से एक लहर आयी और ठहर गईसवेरा हुआ फिर से दिल की गलियों में....

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