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नयी उम्मीद..


इस रंगोली के रंग मेंजीना मरना संग मेंकसमें वादे वही पुरानेख्वाब उड़े नयी पतंग में.....

बगीया में कुछ फूल खिलेज़र्रा-ज़र्रा महक उठाउठकर चलने की कोशिश मेंनन्हा बच्चा चहक उठा............

©श्रीवास्तव गौरव - - - - - - - - -

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