कुछ छूटा है तो अगला उस से अच्छा होगा इसी आस में जीवन कट जाता है
मां-बाप के ना होने पर ममता सा आंगन कुछ हिस्सों में बट जाता है
जीवन की सच्चाई पग पग ठुकरा कर जीती ये दुनिया,
मगर पंक्षियों का जीवन पिंजरे में कैदी होने से पल पल घट जाता है.....
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- श्रीवास्तव गौरव
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