पहला कदम स्कूल में डरते-डरते जाना, धीरे-धीरे स्कुलियाँ माहोल मे ढल जाना, टीचर का आना,बच्चों का टीचर की नजरो से छिप जाना, दोस्तों का बहाना,ग्रुप मे होकर दुश्मनों पर धोस जमाना, फुल मस्ती और केन्टीन का खाना, घंटो बैठे हजारो बातो मे बह जाना, क्लास से किसी बहाने से निकल जाना, इन्तजार हो की कब टीचर का हो क्लास से जाना, निकम्मे दोस्तों के बेहतरीन अफसानों का खजाना, स्कूल के डेस्क पर चित्रकारी के नमूने उकेरना, स्कुल के आखरी दिन मे आँखों मे नमी छाहना, दोस्तों से दूर हो कर यही स्कूल के अफसानों का याद आना|