Poetry 1 min read 772.8K reads

मैने बिना गुलाब दिये बेइंतहां मोहब्बत पायी है


मैने बिना गुलाब दिये बेइंतहां मोहब्बत पायी है

मां ने मुझपे जहां की सारी खुशियां जो लुटायी है

Read more Earn more Learn more