पता नहीं कब तक जिंदा रहूंगा मैं,
पता नही कब तक जिंदा रहूंगा मैं
कब तक इस कैद में यूंही फसा रहूंगा मैं
कब तक उसके आने का इंतजार करता रहूंगा मैं
कब तक उसकी यादों का सहारा लेता रहूंगा मैं
आखिर कब तक आकिरी सांस का इंतजार करता रहूंगा मैं
आखिर कब तक जिंदा रहूंगा
आखिर कब तक जिंदा रहूंगा
इस कैदनुमा जिंदगी में कब तक कैदी बनकर रहूंगा मैं.


