कभी इस करवट तो कभी उस करवट,
नींद आए तो कैसे, चैन पाएं तो कैसे ?
ये सियासत है जनाब,
मुस्कुराएं तो कैसे, अश्क बहाएं तो कैसे ?
-सौरभ जी.


कभी इस करवट तो कभी उस करवट,
नींद आए तो कैसे, चैन पाएं तो कैसे ?
ये सियासत है जनाब,
मुस्कुराएं तो कैसे, अश्क बहाएं तो कैसे ?
-सौरभ जी.