Poetry 1 min read 787.7K reads

रूठना


वो हमसे जब भी रूठ जाया करते थे,हम अक्सर उन्हें मना लिया करते थे।

एक दिन हुआ यूं कि बेवजह रूठ गए,फिर क्या हुआ हम मनाना ही भूल गए।

Read more Earn more Learn more