वो तुम्हारे पायल की
छन-छन,
वो नाज़ुक कलाइयों
पे चूड़ियों की खनक
की आवाज औऱ
वो मेरे गिटार के तारो
के धुन से कृत
हमारे इश्क़ के मधुर
संगीत के सुर को छेड़ना,
मेरा एक ख़्वाब जो
अधूरा रह गया।


वो तुम्हारे पायल की
छन-छन,
वो नाज़ुक कलाइयों
पे चूड़ियों की खनक
की आवाज औऱ
वो मेरे गिटार के तारो
के धुन से कृत
हमारे इश्क़ के मधुर
संगीत के सुर को छेड़ना,
मेरा एक ख़्वाब जो
अधूरा रह गया।