कलम की ताकत



जिसे बेजुबान समझा तुमने ,उसकी जुबां जान जाओगे

कलम की ताकत क्या होती है,आज पहचान जाओगे |


दिल की हर बात को ये कैसे जान जाता है

शब्दो में पिरोकर ये सारे राज कहता है |


लाख पर्दे में रहकर भी ना इससे बच सका कोई

बेकसूरों के बेबसी पर है कई बार ये रोई |


चली है जब ये तुम्हे इंसाफ दिलाने की खातिर

इसकी स्याही से है मिट जाते चाहे दुश्मन हो कितने भी शातिर |


इसे कमजोर मत समझो सहारा है गरीबों का

अब्तलक तुमने ना समझा वजूद क्या है इसकी लकीरों का |


कभी भी इसकी कीमत तुम चुका ही नहीं पाओगे

जिसे बेजुबान समझा तुमने उसकी जुबां जान जाओगे |


कलम की ताकत क्या होती है आज पहचान जाओगे