अपनों के लिए वक़्त



धन दौलत देने वाले तो बहुत मिल जाएंगे

तुम्हारे लिए तुम्हें वक्त देने वाला मिल ना पाएगा


गर जो मिल गया तुम्हें कभी खोना नहीं उसको।

 समझ हीरा उसे रख लेना तुम्हारी फिक्र है जिसको


वक्त की कमी से कई रिश्ते टूट जाते हैं।

 देर हो जाती है बहुत जब वह समझ पाते हैं


अपनों के लिए वक्त तुम्हें निकालना होगा

देकर वक्त अपना उनकी खुशियों को सवारना होगा


जो तुम यह कर पाए जिंदगी खुशनुमा होगी

 हंसेगा घर तुम्हारा भी ना कोई शिकायत शिकवा होगी


गुजारिश है मेरी तुमसे मान लो मेरा अब कहना। 

कह दो एक बार मुझसे तुम पहनाऊंगा तुझे मेरे वक्त का गहना 


 जब भी मिलेगा वक्त वादा करो साथ बिताओगे ।

 अपने प्यारों को हरदम तुम अपने पास पाओगे।

 अपने प्यारों को हरदम तुम अपने पास पाओगे