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Manzil


कोई मंज़िल को चलता है कोई मंज़िल को तकता हैकोई चलते ही थकता है कोई थक कर भी चलता है

मुकद्दर से जो हारा है मशक्कत से वो जीतेगाजो गलता है जो तपता है वही सोना निखरता है

— सोनाली
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