गिर जाऊं अगर डगमगाकर कभी

     तुम उंगलियां पकड़ कर उठा लेना मां

      नम हो जाए अगर मेरी आंखें कभी

      तुम मुस्कुराकर गले से लगा लेना मां


      डर लगे गर मुझे जो किसी बात पर

     अपने आंचल में मुझको छुपा लेना मां

       हो जाए अगर मुझसे गलती कोई

     मेरी गलती को हंसकर भुला देना मां


      थककर आऊं कभी जो तेरे पास मैं

      तुम गोदी में अपने सुला लेना मां

      भटक जाऊं अगर राहे मंजिल में तो

     तुम उंगलियों से रास्ता दिखा देना मां

 

      जब मैं छोटी सी थी तो मुझे प्यार से 

      कहकर " राजकुमारी " बुलाती थी ना

       कर देती थी जो मै परेशान तुम्हे

     तो अपने सीने पे मुझको सुलाती थी ना


       भूल जाऊं अगर ये मैं बाते कभी 

      कान पकड़ करके याद दिला देना मां

       छोड़ जाने लगूं गर मैं आंचल तेरा 

      तुम इशारों से मुझको बुला लेना मां

     

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