जिंदगी को समझने के लिए
एक बार महादेव की शरण में जाए।
बेशक जन्म देने वाले
हमारे वालिदैन है ,
मगर होता वो है
जो महादेव चाहते है।
ये शरीर, ये रिशते-नाते
ये तो सब इस जनम के है ।
लेकिन हमारी रुह का नाता
तो वर्षों से महादेव से है।
।। हर हर महादेव ।।
~सोहा~

