गमों का सैलाब सबके जीवन में आता है ,पर कोई सह जाता है , तो कोई बस बह जाता है ।इस सैलाब में अगर कोई आंसू भी बहाए ,तो कहा नज़र आते है ।नज़र आता है तो केवल ,अस्तित्व का अंश ।
गमों का सैलाब सबके जीवन में आता है ,पर कोई सह जाता है , तो कोई बस बह जाता है ।
इस सैलाब में अगर कोई आंसू भी बहाए ,तो कहा नज़र आते है ।
नज़र आता है तो केवल ,अस्तित्व का अंश ।