गमों का सैलाब सबके जीवन में आता है ,
पर कोई सह जाता है , तो कोई बस बह जाता है ।
इस सैलाब में अगर कोई आंसू भी बहाए ,
तो कहा नज़र आते है ।
नज़र आता है तो केवल ,
अस्तित्व का अंश ।
~सोहा~


गमों का सैलाब सबके जीवन में आता है ,
पर कोई सह जाता है , तो कोई बस बह जाता है ।
इस सैलाब में अगर कोई आंसू भी बहाए ,
तो कहा नज़र आते है ।
नज़र आता है तो केवल ,
अस्तित्व का अंश ।
~सोहा~