फूलों को मसलने का जुनून किसका है,

इन दरिंदों की रगों में खून किसका है,

कभी किसी ने भी पुछा है अपनों से?

इंसान को नोचने वाला नाखून किसका है?


कौन देता है पनाह गुनहगारों को,

इंसानियत को मार के सुकून किसका है।।

     ~~ जे के गौतम (J K Gautam)