लफ़्ज़ों से बरसे प्यार मगर,
दिल में छूरियाँ रखते हैं,
जिश्म के रहते पास मगर,
दिल से दूरियाँ रखते हैं,
ये इंसानी फ़ितरत है
के लोग बदलते रहते हैं!


लफ़्ज़ों से बरसे प्यार मगर,
दिल में छूरियाँ रखते हैं,
जिश्म के रहते पास मगर,
दिल से दूरियाँ रखते हैं,
ये इंसानी फ़ितरत है
के लोग बदलते रहते हैं!