ये लोग जो धर्म के नाम पर नफरत फैलाते हैं,
ऐसा करके आखिर ये अपने धर्म को ही तो गिराते हैं।
किताबों में तो हिन्दू मुस्लिम सिख ईसाई के भाईचारे का पाठ पढ़ाते हैं,
पर समाज में एक दूसरे के धर्म पर कालिख लगाते हैं।
अस्पतालों में किस धर्म के खून से जान बची ये भूल जाते हैं,
पर खाने और रंग तक में ये धर्म बीच में लाते हैं ।
हर धर्म का मतलब इंसानियत है ये समझने से कतराते हैं,
ऐसा करके आखिर ये अपने धर्म को ही तो गिराते हैं।


