दिखावे की तो ये सारी दुनिया है जनाब ,चेहरों को ढक रखे हैं ना जाने कितने नकाब ।बस इतनी सी ख्वाहिश है की वो नजर तो मिले ,जिसे अपना कह सके वो घर तो मिले ।
दिखावे की तो ये सारी दुनिया है जनाब ,चेहरों को ढक रखे हैं ना जाने कितने नकाब ।
बस इतनी सी ख्वाहिश है की वो नजर तो मिले ,जिसे अपना कह सके वो घर तो मिले ।