आजादी के साथ साथ तुम्हे जिम्मेदारियां भी निभानी होंगी,
कहानियां जो पुरानी थी अच्छी होंगी पर आगे कहानियां नई दोहरानी होंगी !
तुम जो बात करते हो आजादी की बात सही है,
क्या तुम हो तैयार देने को वो आजादी अब बात वही है !
आजाद बस तुम रहो ये जायज कहां है,
हो आजाद सब जहां में अब वो वक्त यहां है !
क्यों रात में सड़को पे निकलने पे उसे डर लगता है क्या ये उसका शहर नहीं है,
तुम जो बात करते हो बस अपने हक की क्या ये उसका घर नहीं हुई !

