धर्म कोई हो कटते हम हैं
उम्र कोई हो लुटते हम हैं
अंधे ,बहरे,गूँगे सब हैं
खतम करो मत मेरा किस्सा।
आरक्षण का और परीक्षण
रक्षण का अब ऐसा भक्षण
बन्द करो सरकार ये लीला
हम भी आबादी का हिस्सा
रावण था सबसे ही बेहतर
नहीँ किसी में कोई अंतर
तब भी वैदेही जलती थीं
यही प्रथा सदियों का किस्सा।
कितना सफल सुशासन दिखता
फिर फिर वही दुःशासन दिखता
अब तो है हर शख्स घिनावन
खतम करो अब सबका किस्सा।
सड़ती ज़िंदा लाशें हर दिन
माँएं कत्ल करें अब गिनगिन
रहें सदा महफूज़ बेटियां
आधी आबादी का हिस्सा।