अनायास ही बैठा लिख रहा था
यकायक थम सा गया हाथ मेरा
मैंने कलम से कहा जरा रुको
देखो कितना हसीन लम्हा आया है
तनिक धीरे चलो देख तेरी नोक तले
मेरी माँ का नाम आया है
धन्य है तू माँ ,तेरी शक्ति अपार है
तू है तो जिंदगी का कुछ सार है
कुछ लोग पालते हैं उदर में बदले की आग
पर तूने मुझे पाला मुझे पाला है
जन्म दिया तूने मुझे
तो मैंने एक नया मुकाम पाया है
कलम तनिक धीरे चल देख!तेरी नोक तले
मेरी माँ का नाम आया है
माँ मैं तुझे शब्दों में बांधू
माफ करना यह मेरी नासमझी,नादानी है
तेरी रमज़ न जान पाया कोई
तेरे सिवा सब अज्ञानी है
नतमस्तक हूं मैं तेरे चरणों मे
जो तूने मुझे जीना सिखाया है
मानो किसी उफनते समुंदर में डूबते मुसाफिर में
किनारा पाया है
कलम तनिक धीरे चल देख! तेरी नोक तले
मेरी मां का नाम आया है।
"निशा"


