रिश्ते में जीत's image
Poetry1 min read

रिश्ते में जीत

suresh kumar guptasuresh kumar gupta March 4, 2023
Share0 Bookmarks 63022 Reads0 Likes

जिसने अपनी हस्ती को मिटाया है। 
उसने ही रिश्ते में जीत को पाया है।

रिश्ते वो नाजुक धागों का महल है।
नही संभले उलझोगे भी टूटेगा भी। 

रिश्ते का महासंग्राम एक आयाम है।
जहां जाना है हारकर जीत जाना है।

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts