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मेरी गली का पियक्कड

suresh kumar guptasuresh kumar gupta March 7, 2023
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मेरी गली का पियक्कड,कोई जमाने का हुनरमंद था
एक अदद बीबी और दो नन्हे से प्यारे बच्चों के साथ
पुश्तेनी घर के नाम एक टूटे से मकान में रहता था
सम्पति के नाम सब शराब की भेँट चढ़ा चुका था।

सुबह गली में बेहद शरीफ व मासूम नज़र आता था
बड़ी बातें करता राजनीतिक जानकार बन जाता था
दिनभर जाता इधर उधर  दस बीस कमा लाता था
शाम होते होते वो सब  ठेके की भेंट चढा आता था।

जिस दिन नही कमाता बीबी बच्चो की शामत आती
बीबी की कमाई बर्तन भांडे बच्चो की फीस किताबे 
जो भी हाथ पडता सब शराब की भेंट चढ़ जाता
ठेके की बोतल गटगटाकर वो शहंशाह बन जाता था

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