मन सात आसमां पार's image
496K

मन सात आसमां पार


नया नया जोड़ा है नई सुलह नया प्यार
और इन्तजार गूंजे आंगन में किलकार

मुंह बाए खड़ी महंगाई या काम की मार
किसे खबर रहे होता नया नया खुमार

विसर्जन मिलन सर्जन सृष्टि का क्रम है
कौन छेद पाता है लम्हा तो आ जाता है
Read More! Earn More! Learn More!