धर्म प्रेम की भाषा's image
510K

धर्म प्रेम की भाषा


हिन्दू मुस्लिम सिख ईसाई 
किसी मे फर्क न कर पाया
उठता बैठता सब के साथ
जैसा मुझे धर्म ने सिखाया

दिल से दिल मे जगह बना 
जो मिला आत्मसात किया
मन से हिन्दू मैं तन से हिन्दू 
हिंदुत्व मेरे रोम रोम में बसा

मंदिर जाता मैं देरासर गया
गुरुद्वारा मजार में हो आया
Read More! Earn More! Learn More!