चुरणवाला नोट (हास्य)'s image
Poetry1 min read

चुरणवाला नोट (हास्य)

suresh kumar guptasuresh kumar gupta May 27, 2023
Share0 Bookmarks 61168 Reads0 Likes
गारंटी देकर कागज को नोट बनाया।
मुकरा तो आज नोट को चूर्ण बनाया।

वेतन लाइन में खड़ा मैं गश खा गया।
बॉस ने चुरणवाला नोट पकड़ा दिया।

बहुत हाथ पांव जोड़े काम न आया।
साहब ने बुला फिर डांटकर भगाया।

घर मे बीबी डांटती चुरण उठा लाया।
लंबी लिस्ट देकर बाजार मे भगाया।

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts