जिंदगी तू ऐसी क्यों है ..........
किसी को हसाती है , तो किसी को रुलाती है।
किसी को सक्ससे बनाती है .........
तो किसी को फेलियर कर जाती है।
जिंदगी तू ऐसी क्यों नहीं बन जाती .......
जिसका कोई सक्ससे या फेलियर ना हो।
अगर जिंदगी तू ऐसी बन जाती है ........
तो जिंदगी तू जिन्दा ना रह जाती
;-सियाराम जाट


