पीछे मुड़ के मत देख's image
101K

पीछे मुड़ के मत देख

पीछे मुड़ के मत देख
वहां तुझे जाना नहीं 
कदम बढ़ा और आगे चल
तेरी मंजिल है आगे कहीं

माना के कुछ निरासे के गर्द हैं
जो आशा के उपर जम गईं हैं
जले हुए सपनों के राख तले
कुछ तमन्नाएं दब गईं हैं

उत्साह के फूंक से
उस राख को तू उड़ा दे
सो गए हैं जो ख्वाब
उनको फिर से जगा दे 

कुछ आरजुएं पिघल के
आंखों से बह के
गालों पे जम गईं हैं
आंखों ने सी
Read More! Earn More! Learn More!