तू एक फूल बन के खील जा
में तेरी खूसबू बनू
तेरे आंचल के हरे पत्तों पे
में ओस बन के ठहर जाऊं
चल यूहीं जिंदगी का गुलजार हम सजाते हैं
लहरादे तू आंचल
रात होजाए
हसदे खिलके तो चांद आजाए
में भी टुटके बिखर जाऊं
चमकता रहूं तारे बनकर
चल यूहीं अपना आसमान हम बनाते हैं
उंगलियां तेरी हों
होंठ हो मेरा
सांसें तेरी हों
सुर हो मेरा
चल यूहीं जिंदगी की बंसी साथ बजाते हैं
~जेडी


