ऐ जिन्दगी, तू मुझपे रहम करेगी क्या ?मेरे दिल-ए-अरमा ख़तम करेगी क्या?याद आती है मुझे अब उसकी ,फिर से कुछ और ज़ख़म करेगी क्या???
ऐ जिन्दगी, तू मुझपे रहम करेगी क्या ?मेरे दिल-ए-अरमा ख़तम करेगी क्या?
याद आती है मुझे अब उसकी ,फिर से कुछ और ज़ख़म करेगी क्या???