तोड़ना बस में नहीं है मेरे इश्क-ए-जंजीर को,ख़ुदा के लिए.........हो सके तो तूही कुल्हाड़ी बन जा।अब तो तेरी तस्वीर बना ली है ,दिल में मैने........जाग़ीर ना सही तू मेरी तक़दीर बन जा ।।
तोड़ना बस में नहीं है मेरे इश्क-ए-जंजीर को,ख़ुदा के लिए.........हो सके तो तूही कुल्हाड़ी बन जा।
अब तो तेरी तस्वीर बना ली है ,दिल में मैने........जाग़ीर ना सही तू मेरी तक़दीर बन जा ।।