अंधेरों में जो जल सके, वो दीप बनो,लहरों से जो टकरा सके, वो नाव बनो।डरते हैं जो गिरने से, वो हार जाते हैं,जो संभल कर चलें, वही मिसाल बनो।
अंधेरों में जो जल सके, वो दीप बनो,लहरों से जो टकरा सके, वो नाव बनो।
डरते हैं जो गिरने से, वो हार जाते हैं,जो संभल कर चलें, वही मिसाल बनो।