हर बात पर जवाब देना ज़रूरी नहीं होता।कभी-कभी ख़ामोशी इसलिए होती है,ताकि सामने वाले कोउसकी असलियत तक पहुँचते हुए देखा जा सके।
हर बात पर जवाब देना ज़रूरी नहीं होता।कभी-कभी ख़ामोशी इसलिए होती है,
ताकि सामने वाले कोउसकी असलियत तक पहुँचते हुए देखा जा सके।