क्या हरा, क्या भगवा दिलों में रंज रहते हैं
रंगों में बाँटने वाले अक्सर बदरंग रहते हैं
सुना है  बहुत रंगीन हैं दुनिया
फिर क्यों नहीं साथ सब रंग  रहते हैं।
     
       -'अनिकेत' पंकज