सुनो प्रिये, तुम्हारे बारे में लिखने के लिए मुझे खुद से पढ़ना नहीं पड़ता और किसी का सहारा लेना नहीं पड़ता। जिस वक्त तुम ख्यालों में आते हो, तुम्हे लिख देते हैं । ये एहसास जो मेरे मन के भीतर है, इन्हें कोई भी क्षण मैं पन्नों पर उतार सकता हूँ। मेरे भीतर पल रहे इस अगाध प्रेम को बस तुम्हें मेरे आँखों में देखने की ज़रूरत है।

तुम्हारी यादों में खो जाना मेरे लिए सुकून है, तुम्हारे बिना जीवन का हर पल सूना है। तुम्हारी मुस्कराहट मेरे दिल को रोशन करती है, तुम्हारी बातें मेरी रूह को झंकृत करती हैं।