मैं अब सबर की आखिरी दहलीज पे हूंअब कोई भी लम्हा मेरा कातिल होगामेरे जनाजे पर न बुलाना उसकोवो आ भी गया तो भी क्या हासिल होगा ।।
मैं अब सबर की आखिरी दहलीज पे हूंअब कोई भी लम्हा मेरा कातिल होगा
मेरे जनाजे पर न बुलाना उसकोवो आ भी गया तो भी क्या हासिल होगा ।।